जांच

अब कॉल करें: 18001028384 (टोल फ्री)

च्यवनप्राश अवलेह

घटक द्रव्य:

बेल की छाल ,अरणी ,अरलू, गंभारी, पाटला, मधुपर्णी ,माषपर्णी , पीपल ,शालपर्णी पृश्निपर्णी , गोखरू ,छोटी कटेली, बड़ी कटेली, काकड़ा सिंगी, भुई आंवला ,मुनक्का ,जीवंती, पुष्करमूल ,अगर ,गिलोय ,बड़ी हरड़ , बला, वाराही कंद, विदारीकंद, नागर मोथा, पुनर्नवा, शतावरी, छोटी इलायची, कमल, सफेद चंदन, अडूसे की जड़, अश्वगंधा ,काकनासा एवं आंवला इत्यादि

चिकित्सीय उपयोग:

च्यवन ऋषि इसे खाकर बूढ़े से जवान हो गए थे अतः इसका नाम च्यवनप्राश हुआ। आयुर्वेद शास्त्रों के अनुसार यह फेफड़े को मजबूत करता है ,दिल को ताकत देता है, पुरानी खांसी और दमा में बहुत फायदा करता है एवं पेट भी साफ करता है। वीर्य विकार , स्वप्नदोष में लाभकारी है। एवं बल, कांति शक्ति और बुद्धि को बढ़ाता है, दुबले और कमजोर व्यक्तियों को यह पुष्ट बनाता है।

संदर्भ:

शारंगधर संहिता

सेवन मात्रा:

6 ग्राम से 12 ग्राम प्रातः समय गाय बकरी के दूध के साथ सेवन करें

आइटम कोड:

10004

मात्रा :

पैकेज :

500 रुपये से ऊपर आर्डर पर मुफ्त डिलीवरी

आकार
एमआरपी : 73.00 स्टॉक उपलब्ध
एमआरपी : 131.00 स्टॉक उपलब्ध
1 KG एमआरपी : 250.00 स्टॉक उपलब्ध

पैकेज:

इसके अलावा नीचे रोगों में प्रयुक्त